रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रांची महानगर जिला की ओर से शुक्रवार को जिला कार्यालय में ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर संगोष्ठी एवं लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं विधायक सीपी सिंह, आपातकाल के दौर के लोकतंत्र सेनानी, भाजपा के प्रदेश, जिला, मंडल एवं मोर्चा के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के साथ हुआ। इस दौरान वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के इतिहास, उसके प्रभाव और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम स्थल पर आपातकाल से जुड़ी घटनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे उपस्थित लोगों ने देखा।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा सत्ता में बने रहने के लिए देश में आपातकाल लागू किया गया था, जिसे भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला माना जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
विधायक सीपी सिंह ने भी आपातकाल के दौरान रांची की अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उस समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने संघर्ष किया और अनेक लोकतंत्र सेनानियों ने जेल की यातनाएं झेलीं। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा को आवश्यक बताया।
संगोष्ठी के दौरान जेपी आंदोलन के समय मीसा (MISA) कानून के तहत जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। भाजपा नेताओं ने उनके संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संविधान के प्रति जनजागरण का संकल्प लिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को संविधान के अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
















