पूर्वी टुंडी:
Purbi Tundi प्रखंड अंतर्गत सिगरायडीह गांव में ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की सावित्री चतुर्दशी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर दिनभर निर्जला उपवास रखा।
शाम के समय महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर गांव के वट वृक्ष (बरगद) के पास एकत्रित हुईं। यहां मुख्य पुरोहित Ramesh Pandey ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई।
पूजा के दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर रक्षा सूत्र बांधा और माता सावित्री एवं सत्यवान की कथा सुनी। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
पंडित रमेश पाण्डेय ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता सावित्री ने अपनी अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद लिया और बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त कर अपना व्रत खोला। धार्मिक आयोजन के दौरान पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा।














