तेतुलमारी: क्षेत्र में संचालित एक आउटसोर्सिंग कंपनी के खनन कार्य और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से उड़ रही धूल को लेकर आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात सड़क पर धूल का गुबार बना रहता है, जिससे लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
अधिवक्ता बबलू महतो ने आरोप लगाया कि खनन और कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों के कारण सड़कों पर लगातार धूल उड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, घरों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में रखे सामान पर धूल की मोटी परत जम रही है।
पानी का छिड़काव नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि धूल को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। वाहनों के गुजरने के दौरान धूल का गुबार आसपास के घरों, दुकानों, खेतों और स्कूलों तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि खेतों में फसलों के ऊपर धूल जमने से खेती प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि खनन और कोयला परिवहन के साथ प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का दावा
ग्रामीणों ने दावा किया कि लगातार धूल और प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी हो रही है। कुछ लोगों ने खांसी, सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं की शिकायत होने की बात कही है। इन स्वास्थ्य संबंधी दावों की चिकित्सकीय पुष्टि अलग से आवश्यक है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए, भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल नियंत्रण के उपाय किए जाएं और प्रदूषण की स्थिति की निगरानी बढ़ाई जाए।
ग्रामीणों ने संबंधित कंपनी और प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
















