तोपचांची (धनबाद):
तोपचांची प्रखंड के कामता गांव में सीलिंग भूमि विवाद और कथित अवैध बंदोबस्ती को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। ग्रामीण 10 जून से अंचल एवं प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना पर बैठे हैं और स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस एवं विधिसम्मत कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन को गुरुवार को डुमरी विधायक जयराम महतो का भी समर्थन मिला। उन्होंने धरना स्थल पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि मौजा कामता की कुछ भूमि बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-2067, दिनांक 8 सितंबर 1975 के तहत सीलिंग एक्ट के अंतर्गत अधिग्रहित की गई थी, लेकिन उससे संबंधित मामलों में अब तक पारदर्शी और स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई।
धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 में भी इसी मुद्दे को लेकर तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय प्रशासन ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी सर्वे के दौरान कथित रूप से अवैध नामों पर खतियान दर्ज कर सरकारी भूमि को रैयती भूमि के रूप में दर्ज कर दिया गया।
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन यह भी स्पष्ट करे कि संबंधित भूमि वर्तमान में सीलिंग एक्ट के दायरे में आती है या नहीं। उनका कहना है कि जब तक कथित सीलिंग भूमि से संबंधित जमाबंदी पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता और नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान धरना स्थल पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से भी ग्रामीण अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक जयराम महतो ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और न्यायसंगत तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
धरना कार्यक्रम में जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष मोती लाल महतो, केंद्रीय प्रधान महासचिव फ़र्ज़ान खान, केंद्रीय संयुक्त महासचिव रविकांत मंडल, जिला अध्यक्ष शक्ति महतो, केंद्रीय महासचिव महाराज मंडल, केंद्रीय एवं जिला कमेटी के पदाधिकारी, प्रखंड कमेटी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
















