टुंडी : धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत लछुरायडीह पंचायत में अवैध पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पिछले तीन दिनों से गायब मवेशियों की तलाश के दौरान ग्रामीणों और पुलिस ने एक ऐसे ठिकाने का पर्दाफाश किया, जहां कथित रूप से चोरी किए गए मवेशियों को छिपाकर रखा जाता था।
जानकारी के अनुसार, लछुरायडीह निवासी मीना देवी की गाय और रहमत अंसारी के दो बैल बीते तीन दिनों से लापता थे। रविवार को मीना देवी को गांव के पास स्थित एक संदिग्ध ऊंची बाउंड्री वॉल के अंदर से मवेशियों के रंभाने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई।
ग्रामीणों ने देखा कि परिसर का मुख्य गेट बंद था और उसमें ताला लगा हुआ था। मामले की सूचना तत्काल टुंडी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सर्किल इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी उमाशंकर, अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल और डीएसपी मुख्यालय-2 मोहम्मद नाजीर अख्तर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब परिसर का ताला खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। गायब मवेशियों के साथ-साथ कमरों से कई फर्जी नंबर प्लेट, नंबर प्लेट प्रिंट करने के सांचे और भारी मात्रा में पशु चारा बरामद किया गया।
पुलिस को आशंका है कि तस्कर चोरी किए गए मवेशियों को यहां छिपाकर रखते थे और बाद में फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ियों के जरिए उन्हें बाहर भेजा जाता था। बरामद मवेशियों को पहचान के बाद उनके मालिकों को सौंप दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी लछुरायडीह निवासी खान दास बताया जा रहा है, जो घटना के बाद से फरार है। उसका घर बंद मिला है। प्रशासन अब जमीन के वास्तविक मालिक और पूरे सिंडिकेट की जांच में जुट गया है।
डीएसपी मोहम्मद नाजीर अख्तर ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।














