टुंडी/पूर्वी टुंडी: धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत में बकरीद (ईद-उल-अज़हा) को लेकर मुस्लिम समुदाय में भारी उत्साह देखा जा रहा है। गांवों में त्योहार की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। बृहस्पतिवार सुबह क्षेत्र के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाएगी, जहां तकबीर के स्वर गूंजेंगे।
रतनपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सहजाद अंसारी ने बताया कि ईद-उल-अज़हा त्याग, करुणा, सेवा और अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण का संदेश देने वाला पवित्र पर्व है। मुस्लिम समुदाय का मानना है कि यह पर्व पैगंबर हज़रत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था और समर्पण की याद में मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम की भक्ति की परीक्षा लेने के लिए उनकी सबसे प्रिय चीज़ की कुर्बानी मांगी थी। हज़रत इब्राहिम ने बिना किसी झिझक के अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को अल्लाह की राह में कुर्बान करने का निर्णय लिया। लेकिन उनकी निष्ठा और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने बेटे की जगह एक दुंबे को कुर्बानी के लिए भेज दिया। तभी से इस परंपरा को दुनिया भर के मुसलमान बकरीद के रूप में मनाते हैं।
बकरीद का इस्लाम के पांचवें स्तंभ ‘हज’ से भी गहरा संबंध है। हर वर्ष लाखों मुस्लिम श्रद्धालु पवित्र शहर मक्का में हज यात्रा के दौरान कुर्बानी की रस्म अदा करते हैं। हज की समाप्ति के तुरंत बाद पूरी दुनिया में ईद-उल-अज़हा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
रतनपुर पंचायत सहित पूरे टुंडी एवं पूर्वी टुंडी क्षेत्र में बृहस्पतिवार को त्योहार की विशेष रौनक देखने को मिलेगी। सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाएगी तथा देश, राज्य और इलाके में सुख-समृद्धि, भाईचारे और अमन-चैन की दुआ मांगी जाएगी। इसके बाद लोग अपने-अपने घरों एवं निर्धारित स्थानों पर शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में कुर्बानी की रस्म पूरी करेंगे।














