धनबाद : भारत के माननीय उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में संस्था के 45 वर्ष पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया। इस अवसर पर युवा विकास, उद्यमिता, स्थिरता, चेतना अध्ययन और शिक्षा से जुड़ी पांच प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का भी शुभारंभ किया गया।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब The Art of Living Foundation ने मानवीय सेवा के 45 वर्ष पूरे किए हैं और इसी माह गुरुदेव Sri Sri Ravi Shankar के 70वें जन्मवर्ष का भी विशेष उत्सव मनाया गया। संस्था के झारखंड मीडिया प्रभारी अजय मुखर्जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि द आर्ट ऑफ लिविंग ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि संस्था 182 देशों में सक्रिय है और मानवता को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
उन्होंने गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की सरलता, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व हर व्यक्ति के दिल को छू लेता है।
अपने संबोधन में गुरुदेव Sri Sri Ravi Shankar ने कहा कि आज पूरी दुनिया यह स्वीकार कर चुकी है कि ध्यान अब विलासिता नहीं बल्कि स्वस्थ, सुखी और तनावमुक्त जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि 192 देशों द्वारा विश्व ध्यान दिवस को मान्यता देना इसी सोच को दर्शाता है।
इस भव्य समारोह में Narendra Modi, Nitin Gadkari, Sarbananda Sonowal, Devendra Fadnavis, N. Chandrababu Naidu, Pramod Sawant समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
इसके अलावा Rajinikanth, Vikrant Massey, Mukesh Ambani, Anant Ambani और Niranjan Hiranandani सहित कई उद्योगपति, कलाकार, आध्यात्मिक गुरु, राजनयिक और विद्वान भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
















