नई दिल्ली: ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की प्रस्तावित व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 28 सितंबर को सुनवाई की। कोर्ट ने फिलहाल इस व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को नोटिस जारी किया है। संबंधित पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
किन UPI लेनदेन पर MDR की बात?
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, निर्धारित श्रेणियों के ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू करने का प्रावधान है। वहीं ₹2,000 तक के मर्चेंट UPI भुगतान और दो व्यक्तियों के बीच होने वाले सामान्य UPI लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा।
याचिका में इस शुल्क व्यवस्था को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फिलहाल रोक से इनकार किए जाने के बाद मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है। केंद्र सरकार, RBI और NPCI के जवाब के बाद अगली सुनवाई में इस मुद्दे पर आगे विचार किया जाएगा।
















