झरिया | धनबाद के झरिया-बलियापुर मुख्य मार्ग पर मोहरीबांध के समीप सड़क धंसने की घटना के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। लगभग ₹44 करोड़ की लागत से निर्मित करीब 11 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही भू-धंसान और भूमिगत आग की चपेट में आ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झरिया विधायक रागिनी सिंह ने पथ निर्माण विभाग और बीसीसीएल अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क की तकनीकी स्थिति का जायजा लिया। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया था और कार्य शुरू करने से पहले BCCL से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किया गया था। उनका कहना है कि भूमिगत आग और लगातार हो रहे भू-धंसान के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सड़क के वैकल्पिक मार्ग (डायवर्शन) का प्रस्ताव पहले ही तैयार कर संबंधित एजेंसियों को भेजा जा चुका है। आवश्यक स्वीकृति और धनराशि मिलते ही डायवर्शन निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल सड़क का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र पहले से भू-धंसान और भूमिगत आग से प्रभावित था, तो सड़क निर्माण की अनुमति कैसे दी गई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग शीघ्र शुरू करने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले लंबे समय से वैकल्पिक मार्ग बंद रहने के कारण उन्हें मजबूरी में इसी जोखिमपूर्ण सड़क से गुजरना पड़ रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सड़क की मरम्मत, वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षा उपायों को लेकर कितनी जल्द कार्रवाई करती हैं।
















