धनबाद: जामाडोबा क्षेत्र के बड़कीटांड़-जीतपुर मुख्य मार्ग पर रविवार देर शाम अचानक भू-धंसान की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सड़क किनारे जमीन धंसने से बड़ा गोफ बन गया, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोमवार तक भी स्थिति यथावत बनी रही और एहतियात के तौर पर प्रभावित स्थल पर केवल बैरिकेडिंग की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-धंसान के दौरान तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद सड़क किनारे की जमीन धंस गई। यह मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोफ का आकार धीरे-धीरे बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने संबंधित कोलियरी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भूमिगत खनन के बाद आवश्यक सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि खनन के बाद खाली स्थानों का वैज्ञानिक तरीके से भराव नहीं होने के कारण समय-समय पर भू-धंसान की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
स्थानीय निवासी मोहम्मद निजाम अंसारी ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले भी इसी स्थान पर इसी तरह जमीन धंसी थी। उस समय अस्थायी व्यवस्था तो की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण अब दोबारा वही स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित प्रबंधन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, सड़क की मरम्मत की जाए तथा भूमिगत खाली स्थानों का सुरक्षित भराव सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में यह भू-धंसान और गंभीर रूप ले सकता है तथा किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही सीमित कर दी गई है।
















