झारखंड में सरकारी आवास के किराया बिल को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां महज 6 महीने में किराया 1 लाख रुपये से बढ़कर 16 लाख रुपये हो गया। इस पर रांची हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए CSIR से जवाब तलब किया है।
दरअसल, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (CSIR), धनबाद के सेवानिवृत्त कर्मचारी गोपाल चंद्र लोहार के आवास किराया बिल में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी गई। पहले जहां बकाया राशि करीब 1,06,403 रुपये बताई गई थी, वहीं बाद में इसे बढ़ाकर 16,11,163 रुपये कर दिया गया।
इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने CSIR के निदेशक से पूछा कि इतनी कम अवधि में किराया इतनी तेजी से कैसे बढ़ गया। अदालत ने इस पूरे बिल का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता गोपाल चंद्र लोहार का आरोप है कि उनकी ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट की राशि में से 16 लाख रुपये काटने की मंशा से यह बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने किराया गणना और दंडात्मक शुल्क को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
कोर्ट ने यह भी पाया कि पहले किराया गणना प्रशासनिक अधिकारी ने की थी, जबकि बाद में सेक्शन अफसर द्वारा अलग तरीके से गणना कर राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया। इस पर भी अदालत ने सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, मामले की अगली सुनवाई 1 मई को तय की गई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सही गणना जरूरी है।
ये भी पढ़ें:-Dhanbad Hirapur Theft Case: 6 बड़े खुलासे, बंद घर से लाखों के गहने और कैश चोरी
Follow the JP BHARAT LIVE channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb7gTYlLtOj4hdQofo0E
















