धनबाद: बिशुनपुर स्थित द्वारिका मेमोरियल फाउंडेशन एकेडमी में संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों, विद्यालय के निदेशक और प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलन तथा गोस्वामी तुलसीदास एवं भगवान श्रीराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम में डॉ. मुकुंद रविदास, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के प्राध्यापक विनोद बिहारी महतो, आईआईटी आईएसएम के प्रोफेसर डॉ. प्रसून कुमार सिंह और बीएसएस महिला कॉलेज के प्रोफेसर मृत्युंजय कुमार सिंह समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
समारोह में विद्यार्थियों ने रामचरितमानस और भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कक्षा छठी और सातवीं की छात्राओं ने ‘नमो नमो जय शंकरा’, जबकि कक्षा छठी की छात्राओं ने ‘आत्मा रामा’ की प्रस्तुति दी। कक्षा दूसरी और तीसरी के विद्यार्थियों ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
इसके अलावा ‘कीजो केसरी के लाल’, ‘राम सिया राम’ और ‘हनुमान चालीसा’ जैसी प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ‘राम का राज्याभिषेक एवं सीता का वन गमन’ नाटक ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कक्षा नौवीं की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ‘एपिक रामायण’ कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। इसमें छात्राओं ने संपूर्ण रामायण की कथा को संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीराम के आदर्श, मर्यादा, त्याग, भक्ति और मानवता के संदेश को सामने रखा गया।
विद्यालय के प्राचार्य मदन कुमार सिंह ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और मर्यादा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। निदेशक डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. मुकुंद रविदास ने कहा कि रामचरितमानस में निहित आदर्श आज भी समाज और व्यक्ति को सही दिशा देने में प्रासंगिक हैं। वहीं डॉ. प्रसून कुमार सिंह ने तुलसीदास की रचनाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट अभिनय करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। राम की भूमिका के लिए आदित्य राज झा, लक्ष्मण की भूमिका के लिए अभिमन्यु कुमार और सीता की भूमिका के लिए साक्षी कुमारी को पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप प्राचार्या पुष्पा सिंह, एकेडमिक इंचार्ज सुबीमान दास, राजा ठाकुर, श्रावणी मुखर्जी, विकास चौहान, विशाल कुमार, राज गौरव, रजनी चौधरी, माया कुमारी समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
















