धनबाद/टुंडी: धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड में किसानों से सरकारी दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने का मामला सामने आया है। मैझलीटांड़ गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि ₹266.50 की निर्धारित कीमत वाली 45 किलो की यूरिया बोरी उनसे करीब ₹480 तक में बेची जा रही है।
किसानों के अनुसार, यूरिया की वास्तविक कीमत करीब ₹5.92 प्रति किलो बैठती है, लेकिन उनसे कथित तौर पर ₹12 से ₹16 प्रति किलो तक की दर से राशि वसूली जा रही है। किसानों का कहना है कि फसल बचाने की मजबूरी में उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
मैझलीटांड़ निवासी किसान राजेन मोलीक ने आरोप लगाया कि स्थानीय महतो बीज भंडार में सरकारी दर से काफी अधिक कीमत पर यूरिया बेची जा रही है। किसान का दावा है कि अधिक कीमत का कारण पूछने पर दुकानदार की ओर से ऊपर तक पैसा देने की बात कही जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में बिना उचित लाइसेंस के खाद-बीज बेचने वाले कुछ दुकानदार सक्रिय हैं। इससे किसानों को निर्धारित दर पर खाद मिलने में परेशानी हो रही है।
मामला सामने आने के बाद धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने खाद की कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कृषि विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या अवैध तरीके से खाद की बिक्री करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अब कृषि विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टुंडी में यूरिया की कालाबाजारी कितने बड़े स्तर पर हो रही है और किसानों से अधिक कीमत वसूलने के आरोप कितने सही हैं। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें सरकारी दर पर खाद उपलब्ध हो सकेगी।
















