रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि 13 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के आसपास बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब झारखंड और उसके आसपास केंद्रित है। इसके प्रभाव से बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। वहीं गुरुवार से मौसम प्रणाली का असर और बढ़ सकता है, जिसके कारण कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
चार दिनों तक बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त तक झारखंड में 676.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं सामान्य बारिश का आंकड़ा 751.4 मिमी है। राज्य के कई जिलों में बारिश सामान्य के आसपास पहुंच चुकी है और 13 जिलों में सामान्य बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
राजधानी रांची में 25 अगस्त तक 805.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 767.6 मिमी के मुकाबले अधिक है।
बारिश के साथ वज्रपात का भी खतरा
बारिश के बीच राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के दनरा गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई।
बताया गया कि भुनेश्वर सिंह जंगल में बांस करील और मशरूम चुनने गया था। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जंगल में ही गिर पड़ा।
काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में वह जंगल में अचेत अवस्था में मिला। ग्रामीणों की मदद से उसे गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल तेनुघाट भेजा गया। मृतक अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों को छोड़ गया है। घटना से गांव में शोक का माहौल है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों से अपील है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे जाने से बचें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें।
















