धनबाद/सिंदरी : सिंदरी के मनोहरटांड़ और SL-2 क्षेत्र के करीब 1000 क्वार्टरों को डिस्मेंटल करने की योजना को लेकर विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन (इंटक) ने केंद्र सरकार के फर्टिलाइजर मंत्रालय से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
यूनियन के महामंत्री ए.के. झा, कार्यकारी अध्यक्ष बृजेंद्र प्रसाद सिंह और अनुपमा सिंह ने कहा कि सिंदरी का औद्योगिक और ऐतिहासिक महत्व काफी बड़ा है। उनके अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर आवासों को तोड़ने के बजाय सिंदरी को विकसित करने और यहां के औद्योगिक भविष्य को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
यूनियन नेताओं ने सिंदरी के पुराने आवासों की मजबूती का हवाला देते हुए कहा कि कई दशकों पुरानी इमारतें आज भी मौजूद हैं। उन्होंने एफसीआई कॉलोनी में रहने वाले लोगों पर प्रस्तावित किराये के बोझ को लेकर भी चिंता जताई और सरकार से मानवीय तरीके से समाधान निकालने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि सिंदरी में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड सरकार के साथ बातचीत कर इस पूरे मामले का स्थायी समाधान निकालने की अपील की।
राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन ने स्पष्ट किया कि क्वार्टरों को तोड़ने के फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। यूनियन ने कहा कि सिंदरी के आवास और जमीन से जुड़े मुद्दे पर स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
















