बलियापुर: कुसमाटांड़ पंचायत भवन में मंगलवार को वृहद झारखंड आदिवासी कुड़मी मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंटू महतो ने की, जबकि संचालन चौधरी चरण महतो ने किया। इस दौरान कुड़मी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा, पहचान और सामाजिक चेतना को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में आगामी 20 सितंबर को पुरुलिया के कोड़ाडीह में आयोजित होने वाले करमईति जुडुवआहि कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में पांच हजार से अधिक अखाड़ों और करीब एक हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी होने की बात कही गई।
मुख्य अतिथि के रूप में बंगाल से पहुंचे अजीत प्रसाद महतो ने कहा कि करम पर्व कुड़मी समाज की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति, कृषि, सामुदायिक जीवन और सामाजिक समरसता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने की अपील की।
बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, प्रदेश महासचिव निरिश कुमार महतो, तारा देवी, हलदर महतो, मंटू महतो, जगन्नाथ महतो, मुखिया दिलीप कुमार महतो, चौधरी चरण महतो, नरेश महतो, स्वपन कुमार महतो, परमेश्वर महतो, गोपाल महतो, संजय महतो, दिनेश महतो, मुक्तेश्वर महतो, राजेश महतो, अरुण महतो समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
















