धनबाद: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके छोटे कारोबार को बेहतर व्यवसाय में विकसित करने के उद्देश्य से धनबाद में ‘झारखंड इन्क्यूबेटर’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। JSLPS और IIM-CIP, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का शुभारंभ समाहरणालय स्थित DMFT सभागार में हुआ।
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, झरिया विधायक रागिनी सिंह, उप विकास आयुक्त सन्नी राज समेत JSLPS, IIM-CIP और जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
150 महिला उद्यमियों का होगा चयन
कार्यक्रम के तहत कुल 150 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। चयनित उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का अनुदान या ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इसके अलावा व्यवसाय योजना तैयार करने, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन, बाजार की समझ और मार्केट लिंकेज जैसे विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
IIM-CIP देगा बिजनेस ट्रेनिंग
IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क की ओर से चयनित उद्यमियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक, उपकरण, ब्रांडिंग, व्यावसायिक प्रक्रियाओं और बाजार विस्तार के संबंध में भी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।
उद्यमियों को नेटवर्किंग, बाजार से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सहयोग दिया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
ग्रामीण सखी मंडल की सदस्य, उनके परिवार या करीबी रिश्तेदारों के स्वामित्व वाले उद्यम, समूह उद्यमी और व्यक्तिगत उद्यमी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। विशेष रूप से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े पात्र उद्यमियों को अवसर मिलेगा।
आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
ऑनलाइन आवेदन के लिए दिए गए आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन से पहले पात्रता और वेबसाइट की सही जानकारी JSLPS के आधिकारिक माध्यम से जरूर जांच लें।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूह आधारित महिला उद्यमियों को गैर-कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाना, उनके कारोबार का विस्तार करना और आजीविका को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में JSLPS के DPM सुदीप्तो बनर्जी, टुंडी विधायक के प्रतिनिधि मदन महतो सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मी और संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















