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धनबाद पुलिस में विधि विज्ञान और डिजिटल फॉरेंसिक्स पर चार सप्ताह का प्रशिक्षण शुरू

JP Bharat Shareधनबाद: समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में शनिवार को विधि विज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक्स और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े चार सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, डीएसपी विधि-व्यवस्था प्रकाश सोय,…

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धनबाद: समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में शनिवार को विधि विज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक्स और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े चार सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, डीएसपी विधि-व्यवस्था प्रकाश सोय, डीएसपी साइबर प्रदीप कुमार साव, डीएसपी मुख्यालय कुमार विनोद समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

आठ चरणों में होगा प्रशिक्षण

चार सप्ताह तक चलने वाला प्रशिक्षण कुल आठ चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को आधुनिक अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक, तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की पहचान, संरक्षण, संग्रहण, विश्लेषण और न्यायिक प्रक्रिया में उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी देना है।

उद्घाटन के दौरान SSP प्रभात कुमार ने कहा कि अपराध करने के तरीकों में लगातार बदलाव हो रहा है और अपराधी मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पारंपरिक जांच के साथ वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सही इस्तेमाल जरूरी है।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से प्रशिक्षण में मिली तकनीकी जानकारी को वास्तविक मामलों की जांच में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

मोबाइल और CCTV समेत डिजिटल साक्ष्यों पर प्रशिक्षण

रक्षा मंत्रालय के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अंकित कुमार और प्रशिक्षक सुयश भारती पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। पहले सत्र में डिजिटल फॉरेंसिक्स और डिजिटल साक्ष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल, क्लाउड स्टोरेज, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल माध्यमों से मिलने वाले साक्ष्यों की पहचान और संरक्षण की प्रक्रिया समझाई गई।

इसके साथ ही डिजिटल साक्ष्य की अखंडता, प्रामाणिकता, दस्तावेजीकरण और न्यायालय में उसकी उपयोगिता पर भी चर्चा हुई।

वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच करने और तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण या दस्तावेजीकरण में लापरवाही से जांच की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

आने वाले सत्रों में विधि विज्ञान, डिजिटल साक्ष्य, तकनीकी अनुसंधान और आधुनिक जांच पद्धतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य धनबाद पुलिस की जांच प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, तकनीकी और साक्ष्य आधारित बनाना है।


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