गोविंदपुर: धनबाद जिले के आरएस मोड़ महाविद्यालय, गोविंदपुर में जननायक बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती के अवसर पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण सिंह ने की। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिनोद बिहारी महतो के विचारों और उनके सामाजिक संघर्षों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रवीण सिंह ने बिनोद बिहारी महतो के चर्चित नारे ‘पढ़ो और लड़ो’ की प्रासंगिकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में मौजूद कुरीतियों और अन्याय के खिलाफ जागरूकता पैदा की जा सकती है।
संगोष्ठी में डॉ. श्याम किशोर, डॉ. अजित कुमार वर्णवाल और डॉ. सत्य नारायण गोराई ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने बिनोद बिहारी महतो के सामाजिक योगदान, संगठन क्षमता और आर्थिक चेतना से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
वाणिज्य विभाग के डॉ. अमित प्रसाद ने बिनोद बिहारी महतो के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को साझा किया और कार्यक्रम का संचालन किया। अंत में इतिहास विभाग की डॉ. स्मिता तिग्गा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
















