धनबाद: गोविंदपुर वाया प्रतापपुर-गिरिडीह सड़क के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। पथ निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर जिला भू-अर्जन विभाग ने 4.51 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। टुंडी अंचल के 33 रैयतों से जमीन अधिग्रहण को लेकर दावा-आपत्ति मांगी गई है।
10.2 किलोमीटर सड़क होगी टू-लेन
पथ निर्माण विभाग के धनबाद डिवीजन के अनुसार करीब 10.2 किलोमीटर लंबी सड़क को टू-लेन किया जाएगा। परियोजना पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी बाकी है।
सड़क चौड़ीकरण के बाद तोपचांची और टुंडी प्रखंड के दर्जनों गांवों के लोगों को गिरिडीह आने-जाने में सुविधा होगी। फिलहाल गिरिडीह जाने के लिए करीब 45 से 48 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। नई सड़क बनने के बाद यह दूरी करीब 12 किलोमीटर कम होने की उम्मीद है।
राजगंज से गिरिडीह जाना होगा आसान
आरसीडी के अनुसार, वर्तमान में राजगंज के लोगों को गिरिडीह जाने के लिए टुंडी के कोल्हर होकर जाना पड़ता है। सड़क चौड़ीकरण के बाद राजगंज से मनियाडीह और प्रतापपुर होते हुए गिरिडीह जाना आसान होगा।
प्रतापपुर, सर्रा, मनियाडीह, शीतलपुर, डंडाटांड़ और नावाटांड़ समेत टुंडी प्रखंड के कई गांवों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है।
33 रैयतों से जमीन अधिग्रहण, मुआवजे की प्रक्रिया
जमीन अधिग्रहण के लिए अधिनियम की धारा-11 के तहत टुंडी अंचल के 33 रैयतों से दावा-आपत्ति मांगी गई है। रैयतों को जमीन से संबंधित दस्तावेज, पारिवारिक वंशावली समेत जरूरी कागजात जमा करने होंगे।
दावा-आपत्ति के निपटारे और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र रैयतों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कृषि भूमि के लिए निर्धारित कीमत का चार गुना तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
















