हजारीबाग: झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जल जीवन मिशन के तहत चल रही पेयजलापूर्ति योजनाओं में देरी और धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई है। हजारीबाग समाहरणालय सभागार में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिले की योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
मंत्री ने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गांवों में बनी पेयजल संरचनाओं से लोगों के घरों तक नियमित पानी पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने बंद पड़ी योजनाओं और निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों को नियमानुसार कानूनी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि तीन महीने बाद दोबारा समीक्षा बैठक होगी। इसमें लंबित योजनाओं की प्रगति, बंद योजनाओं को चालू करने और पेयजलापूर्ति व्यवस्था की स्थिति का हिसाब लिया जाएगा।
















