धनबाद: रेलवे ट्रैकमैन्टेनर्स के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब ट्रैकमैन्टेनर्स को जूनियर इंजीनियर (रेल पथ) बनने का अवसर मिलेगा और इसके लिए उन्हें कठिन लिखित परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह पदोन्नति वरीयता और योग्यता के आधार पर दी जाएगी।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) के अपर महामंत्री सह एआईआरएफ वर्किंग कमिटी सदस्य Mohammad Zyauddin ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) और ईसीआरकेयू के लगातार प्रयासों के बाद रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि पहले इंजीनियरिंग विभाग में सुपरवाइजर स्तर के इस पद पर पदोन्नति पाने के लिए कर्मचारियों को विभागीय लिखित परीक्षा पास करनी पड़ती थी। लेकिन एआईआरएफ ने ट्रैकमैन्टेनर्स के लिए विभागीय पदोन्नति कोटा (DPC) निर्धारित करने और लिखित परीक्षा की बाध्यता खत्म करने की मांग लगातार उठाई थी।
विभिन्न स्तरों पर हुई बैठकों और उच्च अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से रखने के बाद रेलवे बोर्ड ने 15 मई को आदेश संख्या E(NG)1/2020/PM5/8 (E-3325640) जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जूनियर इंजीनियर (रेल पथ) के 20 प्रतिशत पदों पर ट्रैकमैन्टेनर्स को बिना लिखित परीक्षा वरीयता सह योग्यता के आधार पर पदोन्नति दी जाएगी।
धनबाद मंडल में ईसीआरकेयू के मीडिया प्रभारी एन के खवास ने कहा कि यह ट्रैकमैन्टेनर्स की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने कहा कि ईसीआरकेयू और एआईआरएफ ने सक्रिय प्रयासों और सकारात्मक पहल के जरिए कर्मचारियों को अधिकारी बनने का यह महत्वपूर्ण अवसर दिलाया है।
इस उपलब्धि पर जोनल सेक्रेटरी O P Sharma सहित ईसीआरकेयू के सभी नेताओं ने ट्रैकमैन्टेनर्स को शुभकामनाएं दी हैं।














