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Dhanbadnewsअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विशेष: धनबाद की पाठशाला बनी ‘योगशाला’, बच्चों के जीवन में ला रही सकारात्मक बदलाव

JP Bharat Shareधनबाद, 21 जून: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर धनबाद की एक अनूठी शैक्षणिक पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाला पाठशाला विद्यालय पिछले 12 वर्षों से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ योग, अनुशासन और संस्कारों का प्रशिक्षण देकर उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य कर रहा…

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धनबाद, 21 जून: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर धनबाद की एक अनूठी शैक्षणिक पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाला पाठशाला विद्यालय पिछले 12 वर्षों से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ योग, अनुशासन और संस्कारों का प्रशिक्षण देकर उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य कर रहा है।

विद्यालय में पढ़ने वाले 300 से अधिक बच्चों की दिनचर्या की शुरुआत प्रतिदिन सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और योगाभ्यास से होती है। यहां योग को केवल एक विशेष दिवस तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे बच्चों की जीवनशैली का हिस्सा बनाया गया है।

विद्यालय के संस्थापक देव कुमार वर्मा के अनुसार, संस्था की स्थापना का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उनका मानना है कि योग बच्चों में एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।

योग प्रशिक्षण के लिए बच्चों को मिला विशेष अवसर

इस वर्ष ग्रीष्मावकाश के दौरान विद्यालय के 20 चयनित बच्चों को देवघर स्थित रिकियापीठ आश्रम में आयोजित 12 दिवसीय आवासीय योग शिविर में भेजा गया। शिविर में बच्चों ने अनुभवी योग प्रशिक्षकों से विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और योग के मूल सिद्धांतों की जानकारी प्राप्त की।

शिविर से लौटने के बाद ये बच्चे अब अपने विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। विद्यालय की प्रार्थना सभा और नियमित कक्षाओं में बाल योग प्रशिक्षकों की भूमिका निभाते हुए वे अपने साथियों को योगाभ्यास सिखा रहे हैं।

स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों में दिखा सकारात्मक असर

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार नियमित योगाभ्यास से बच्चों के स्वास्थ्य, व्यवहार और पढ़ाई में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। मौसमी बीमारियों के कारण अनुपस्थिति में कमी आई है, पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ी है और बच्चों के आत्मविश्वास में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

शिक्षकों का कहना है कि योग के कारण बच्चों में अनुशासन, सहयोग की भावना और मानसिक संतुलन बेहतर हुआ है, जिसका प्रभाव उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों पर भी दिखाई दे रहा है।

अभिभावकों को भी जोड़ा गया अभियान से

विद्यालय की पहल अब बच्चों तक सीमित नहीं रही। प्रत्येक रविवार को आयोजित पारिवारिक योग सत्र में बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी हिस्सा लेते हैं। इससे योग के प्रति जागरूकता पूरे समुदाय में फैल रही है और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल रहा है।

‘हर बस्ती, एक योगशाला’ अभियान की तैयारी

संस्था ने अगले वर्ष से ‘हर बस्ती, एक योगशाला’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत धनबाद की विभिन्न बस्तियों में सामुदायिक योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित विद्यार्थी ही योग प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे।

संस्थापक देव कुमार वर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य धनबाद को योग के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाना है और योग को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कॉरपोरेट संस्थाओं से इस पहल में सहयोग करने की अपील भी की।

योग दिवस पर पाठशाला विद्यालय की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और बेहतर भविष्य के निर्माण का भी सशक्त साधन बन सकता है।


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