धनबाद: धनबाद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे टेंडर से जुड़े कारोबारियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने की कथित साजिश को विफल कर दिया है। चिरकुंडा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने एक व्यक्ति को दो पिस्टल, 33 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के लिए हथियार और गोला-बारूद जमा कर रहा था।
ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपने परिचित के घर में अवैध हथियार और कारतूस छिपाकर रखे हुए है तथा किसी बड़ी आपराधिक घटना की तैयारी चल रही है। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने निरसा थाना क्षेत्र के वृंदावनपुर निवासी 45 वर्षीय मो. रिजवान सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल, एक 7.65 एमएम पिस्टल, दोनों की मैगजीन तथा 33 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसमें हथियारों के लेन-देन और अन्य गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी होने की बात कही जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर जेल में बंद अपराधी अफजल अमन के संपर्क में था और उसके निर्देश पर हथियार तथा कारतूस एकत्र कर रहा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल रेलवे टेंडर से जुड़े कारोबारियों और ठेकेदारों को धमकाकर रंगदारी वसूलने की योजना में किया जाना था।
मामले में चिरकुंडा थाना में आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
ग्रामीण एसपी ने कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित आपराधिक घटना को रोका जा सका। उन्होंने कहा कि जिले में संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
















