कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ताराताला इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम अचानक ढह गया, जिससे कम से कम पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।
सूचना मिलते ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। संयुक्त रूप से चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, जिसके कारण बचाव अभियान लगातार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोदाम गिरते ही तेज आवाज हुई और चारों ओर धूल का गुबार फैल गया। मलबे में दबे मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। बाद में राहत एजेंसियों ने विशेष उपकरणों और मशीनों की सहायता से बचाव कार्य तेज किया।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों, गैस कटर और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा निर्माण संबंधी लापरवाही, तकनीकी खामी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी अन्य कारण से हुआ।
राज्य प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है।
















