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झरिया के व्यवसायी सचिन केसरी की मौत पर व्यापारियों में उबाल, बैंक और रिकवरी एजेंटों के खिलाफ आंदोलन का ऐलान

JP Bharat Shareधनबाद/झरिया:झरिया के केला पट्टी, अशोक रोड निवासी व्यवसायी सचिन केसरी (42) की कथित तौर पर बैंक के रिकवरी एजेंटों द्वारा मानसिक प्रताड़ना के बाद हुई मौत को लेकर धनबाद और झरिया के व्यापारिक संगठनों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर धनबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स, झरिया चैंबर ऑफ कॉमर्स, सोना-चांदी व्यवसायी संघ सहित…

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धनबाद/झरिया:झरिया के केला पट्टी, अशोक रोड निवासी व्यवसायी सचिन केसरी (42) की कथित तौर पर बैंक के रिकवरी एजेंटों द्वारा मानसिक प्रताड़ना के बाद हुई मौत को लेकर धनबाद और झरिया के व्यापारिक संगठनों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर धनबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स, झरिया चैंबर ऑफ कॉमर्स, सोना-चांदी व्यवसायी संघ सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने आपात बैठक कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बैठक की शुरुआत दिवंगत सचिन केसरी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद व्यापारिक संगठनों ने सर्वसम्मति से संबंधित बैंक और उसके रिकवरी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए संबंधित बैंक का बहिष्कार करने तथा अपने खाते बंद कराने का निर्णय लिया।

बैठक के बाद व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और मृतक के परिजन झरिया थाना पहुंचे तथा थाना प्रभारी शशि रंजन कुमार से मिलकर आरोपित रिकवरी एजेंटों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो वे धनबाद के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की मांग करेंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

झरिया इंडस्ट्री एंड ट्रेड एसोसिएशन (JITA) के महासचिव एवं धनबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ बैंक ऋण वसूली के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए कथित तौर पर अवैध तरीके अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापारी आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।

बैठक में झरिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अमित साहू उर्फ दीपू सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नोट: मृतक के परिजनों और व्यापारिक संगठनों ने रिकवरी एजेंटों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


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