बोकारो/चंदनकियारी:चंदनकियारी प्रखंड के दामुडीह पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 के तहत लाभुकों के चयन के लिए आयोजित ग्राम सभा हंगामे के बीच समाप्त हो गई। योजना में कथित अनियमितता और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बैठक का विरोध किया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
बुधवार को आयोजित ग्राम सभा में विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभुकों का चयन किया जाना था। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर ग्राम सभा में हंगामा होने लगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने के बाद पंचायत सचिव सुमित घोष बैठक बीच में छोड़कर चले गए। इससे नाराज ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए योजना में निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्राम सभा के बाद सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर मांझी के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल बोकारो के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार से मिला और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पंचायत सचिव पर कार्य में कथित अनियमितता के आरोप लगाते हुए उन्हें दामुडीह पंचायत से हटाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को मिलना चाहिए और इसके लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि अनियमितताओं की जांच नहीं हुई तो पात्र लाभुक योजना से वंचित हो सकते हैं।
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
नोट: पंचायत सचिव पर लगाए गए आरोप ग्रामीणों के हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
















