धनबाद: जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पिछले एक वर्ष के दौरान किए गए विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं को लेकर सोमवार को समाहरणालय में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चल रही विभिन्न परियोजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
प्रशासन ने बताया कि धनबाद जिले के 464 सरकारी विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के 59 जर्जर विद्यालयों का युद्धस्तर पर जीर्णोद्धार कार्य भी तेजी से चल रहा है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
जिला प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान धनबाद ने बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए झारखंड के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाया। इसके पीछे शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट इम्पैक्ट जैसी नवाचारी पहल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान को प्रमुख कारण बताया गया।
पत्रकार वार्ता में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025-26 में 20,000 विद्यार्थियों को साइकिलों का वितरण किया गया, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिली। इसके अलावा जिले में स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी, स्किल सेंटर और मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। साथ ही आधुनिक शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में भी जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।
जिला प्रशासन ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना है, ताकि धनबाद शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।
















