धनबाद, 6 जुलाई: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (CIKS) ने न्यू वेंचर क्रिएशन एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन (NVCTI) तथा सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (CIIE) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को “सिविलाइजेशनल एआई एंड फ्यूचर टेक्नोलॉजीज: शेपिंग भारत्स इनोवेशन इकोसिस्टम” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया। टेक्समिन स्मार्ट क्लासरूम में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उभरती तकनीकों और नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
कार्यशाला के पहले सत्र “बिल्डिंग सिविलाइजेशनल एआई” में इमवर्सएआई (ImmverseAI) के सीईओ एवं सह-संस्थापक आर. रामकृष्णन तथा हेड–प्रोडक्ट एंड टेक्नोलॉजी जयरामन अय्यर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, संस्कृति और बौद्धिक विरासत को ध्यान में रखते हुए ऐसे एआई सिस्टम विकसित किए जाने चाहिए, जो वैश्विक स्तर पर उपयोगी होने के साथ-साथ भारतीय मूल्यों और सोच का भी प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने नवाचार, उद्यमिता और भारतीय ज्ञान प्रणाली के समन्वय पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में फ्यूट्रेड इनोवेशन स्टूडियोज के चेयरमैन डॉ. ऋषि मोहन भटनागर ने “भारत: द फ्यूचर टेक्नोलॉजी लीडर” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार आधारित सोच और युवाओं की क्षमता के बल पर भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद किया और सिविलाइजेशनल एआई, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति तथा भविष्य की तकनीकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और नवाचार से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
















