धनबाद: भूली स्थित जालान फैक्ट्री में 29 जून को हुए औद्योगिक हादसे में गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय कर्मी अकरम खान की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर लोगों ने फैक्ट्री के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया।
सूचना मिलते ही भूली ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना था कि अकरम खान परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड-17 के पार्षद इम्तियाज अंसारी, कांग्रेस नेता नौशाद आलम, खुर्शीद आलम सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भूली ओपी पहुंचे। ओपी प्रभारी विश्वजीत ठाकुर की मौजूदगी में फैक्ट्री प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच वार्ता हुई।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 8 लाख रुपये मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति जताई। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और फैक्ट्री के बाहर स्थिति सामान्य हो गई।
जानकारी के अनुसार, अकरम खान पिछले करीब 20 वर्षों से जालान फैक्ट्री में कार्यरत थे। 29 जून को मशीन की बेल्ट के पास काम करने के दौरान अचानक मशीन चालू हो जाने से वे बेल्ट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिनों तक इलाज चलने के बाद सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था, औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
















