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धनबाद | टुंडी में 77वें वन महोत्सव के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ अभियान, सैकड़ों लोगों ने किया पौधारोपण

JP Bharat Shareधनबाद: झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में टुंडी विधानसभा क्षेत्र के लोधारिया में 77वें वन महोत्सव-2026 के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और व्यापक स्तर पर पौधारोपण को प्रोत्साहित करना था।…

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धनबाद: झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में टुंडी विधानसभा क्षेत्र के लोधारिया में 77वें वन महोत्सव-2026 के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और व्यापक स्तर पर पौधारोपण को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक मथुरा प्रसाद महतो, उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ विकास पालीवाल एवं उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने दीप प्रज्ज्वलित कर और पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर करीब 300 स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने एक साथ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ मातृ सम्मान का भी प्रतीक है।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने बताया कि चालू मानसून सत्र के दौरान जिला प्रशासन और वन विभाग की ओर से सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1 से 2 लाख पौधे लगाए और वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करने के लिए फलदार पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उपायुक्त ने टुंडी की हरियाली को पूरे धनबाद जिले के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि झरिया और पुटकी जैसे खनन प्रभावित क्षेत्रों को भी हरित बनाने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत बंद पड़ी खदानों के पुनरुद्धार, मिट्टी भराई और पौधारोपण की योजनाओं पर भी कार्य किया जाएगा।

उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हाथियों के प्राकृतिक आवास और कॉरिडोर की सुरक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है। वहीं स्कूली बच्चों से उन्होंने अपने जीवन में कम से कम 20 से 30 पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने वन विभाग की टीम की सराहना करते हुए मानसून के दौरान तीन से चार और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़ सकें।


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