कतरास (धनबाद): धनबाद जिले के कतरास में करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री को लेकर विवाद गहरा गया है। कतरास बाजार निवासी रितिक पटवा ने उपायुक्त-सह-जिला निबंधन पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर भू-माफियाओं, तत्कालीन वार्ड पार्षद और संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अवैध रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
शनिवार को राहुल चौक के समीप आयोजित प्रेसवार्ता में रितिक पटवा और अन्य रैयतों ने बताया कि बाघमारा अंचल के मौजा कतरास स्थित खाता संख्या-30, प्लॉट संख्या-330 की 15.5 डिसमिल पैतृक भूमि पर परिवार के कई सदस्यों का वैधानिक अधिकार है और उनके नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं। आरोप है कि एक पक्ष ने कथित रूप से फर्जी वंशावली तैयार कर अन्य वारिसों को मृत या अस्तित्वहीन दर्शाते हुए स्वयं को एकमात्र उत्तराधिकारी बताकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि बिना अधिकृत अमीन के हस्ताक्षर वाला कथित फर्जी नक्शा तैयार कर डीड संख्या-1963 के माध्यम से पूरी जमीन अन्य लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी गई। उन्होंने संबंधित निबंधन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि अनियमितताओं के सामने आने के बाद बाघमारा अंचल कार्यालय ने संबंधित म्यूटेशन केस संख्या 3040/2025-26 को रद्द कर दिया। इसके आधार पर उन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों, भू-माफियाओं, तत्कालीन पार्षद, खरीदारों, गवाहों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रेसवार्ता के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब विरोधी पक्ष से जुड़ी कुछ महिलाएं और युवतियां वहां पहुंच गईं। आरोप है कि इस दौरान कुर्सियां और टेबल फेंके गए तथा पत्रकारों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। सूचना मिलने पर कतरास पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस कुछ महिलाओं और युवतियों को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
हालांकि, जिन लोगों पर जमीन की खरीद-बिक्री में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
















