धनबाद, 10 अगस्त: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से टाटा हिताची के एग्जीक्यूटिव्स के लिए सोमवार को पांच दिवसीय एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) की शुरुआत की गई। “ओवरव्यू ऑफ माइनिंग, ऑपरेशन, एंड सेफ्टी” विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम 10 से 14 अगस्त तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य माइनिंग और हेवी इक्विपमेंट सेक्टर में कार्यरत प्रोफेशनल्स की तकनीकी एवं प्रबंधन संबंधी दक्षताओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
ईडीपी के उद्घाटन समारोह में सीएमपीडीआईएल/कोल इंडिया लिमिटेड के जनरल मैनेजर (एचआरडी एंड सीएसआर) डॉ. शिशिर दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं टाटा हिताची के हेड–माइनिंग सर्विसेज संतोष गुप्ता गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की डीन (कंटिन्यूइंग एजुकेशन एंड आउटरीच) प्रो. केका ओझा तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. संजय घोषाल भी उपस्थित रहे।
माइनिंग ऑपरेशन से लेकर सेफ्टी और नई तकनीक तक होंगे सत्र
पांच दिवसीय ईडीपी के दौरान माइनिंग ऑपरेशंस, इक्विपमेंट सिलेक्शन एवं प्रोडक्टिविटी, ऑपरेशनल एक्सीलेंस, मेंटेनेंस, सेफ्टी और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में एक्सपर्ट लेक्चर, तकनीकी चर्चा, इंडस्ट्री आधारित केस स्टडी और नॉलेज शेयरिंग सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को अकादमिक विशेषज्ञता के साथ-साथ उद्योग के व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इंडस्ट्री और एकेडेमिया के अनुभवों को जोड़ने का प्रयास
कार्यक्रम के कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो. निरंजन कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने कहा कि यह कार्यक्रम अकादमिक ज्ञान और औद्योगिक अनुभव को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स के साथ संवाद और ऑपरेशनल व टेक्नोलॉजिकल चुनौतियों पर केंद्रित चर्चाओं के माध्यम से माइनिंग ऑपरेशंस में दक्षता, सुरक्षा और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वहीं कोर्स को-कोऑर्डिनेटर प्रो. अजित कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने कहा कि माइनिंग सेक्टर में तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में प्रोफेशनल्स के लिए लगातार सीखना और अपनी तकनीकी क्षमता को अपडेट करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह ईडीपी आधुनिक माइनिंग प्रैक्टिसेज, उपकरणों, सुरक्षा और उभरती तकनीकों को समझने के साथ इंडस्ट्री की व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा का अवसर प्रदान कर रहा है।
लॉन्ग-टर्म इंडस्ट्री सहयोग की दिशा में पहल
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से इस कार्यक्रम को उद्योग जगत के साथ दीर्घकालिक सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से प्रोफेशनल्स के लिए क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने के अवसर बढ़ाने के साथ माइनिंग एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र में नई तकनीकों और व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
टाटा हिताची के साथ यह सहयोग अकादमिक विशेषज्ञता और उद्योग के व्यावहारिक अनुभव को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से माइनिंग क्षेत्र में सुरक्षा, उत्पादकता, ऑपरेशनल दक्षता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
ईडीपी का समन्वय प्रो. निरंजन कुमार और प्रो. अजित कुमार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद द्वारा किया जा रहा है। पांच दिवसीय कार्यक्रम का समापन 14 अगस्त को होगा।
















