गोविंदपुर (धनबाद): तकनीक और नवाचार के तेजी से बदलते दौर में उच्च शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में आर. एस. मोर कॉलेज ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘पायथन का उपयोग करके एआई (Artificial Intelligence) और डेटा साइंस’ विषय पर आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक समापन किया। विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा सी-डैक (C-DAC) पटना तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया गया।
समापन समारोह की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण सिंह ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्राध्यापक एस. दान तथा मुख्य प्रशिक्षक के रूप में सी-डैक पटना के विशेषज्ञ आदित्य स्वामी, हृदय वर्मा और सुमित सुनील अंबेकर उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और पायथन प्रोग्रामिंग का है। इन तकनीकों का ज्ञान अब केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा, शोध और विभिन्न क्षेत्रों में इनका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिली है, जिसका लाभ वे विद्यार्थियों के बेहतर मार्गदर्शन और शोध कार्यों में उठा सकेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. त्रिवेणी कुमार महतो ने कहा कि आने वाला समय एआई आधारित तकनीकों का है और अब शिक्षकों व विद्यार्थियों को इसके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। डॉ. अविनाश कुमार ने कहा कि सी-डैक द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण शिक्षकों के तकनीकी कौशल को नई दिशा देने वाला रहा। वहीं बी.एस.के. कॉलेज की डॉ. इशिता भट्टाचार्य ने कहा कि यह कार्यशाला केवल तकनीकी विषयों के शिक्षकों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी विषयों के शिक्षकों के लिए समान रूप से उपयोगी और ज्ञानवर्धक रही।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कुहली बनर्जी ने किया, जबकि जंतु विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रवि रंजन ने सह-समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में दर्शनशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अजीत कुमार बर्नवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सी-डैक पटना, मंत्रालय के प्रतिनिधियों, कॉलेज प्रशासन, प्रशिक्षकों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस पांच दिवसीय कार्यशाला में क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में डॉ. रत्ना कुमार, डॉ. पूजा विश्वकर्मा, डॉ. सत्य नारायण गोराई, डॉ. विनोद कुमार एक्का, डॉ. अमित प्रसाद, डॉ. जहांगीर अहमद, डॉ. आर.सी. जेना, डॉ. सौरभ, डॉ. प्रमिला, डॉ. स्मिता, डॉ. महावीर दास, डॉ. तरुण कांति खलखो, डॉ. संदीप सौरभ, डॉ. कमलेश पांडेय, डॉ. हिमांशु शेखर शुक्ला, प्रो. तिग्गा, डॉ. प्रकाश प्रसाद, डॉ. पुष्पा कुमारी (बीसीए कोऑर्डिनेटर, गुरुनानक कॉलेज), डॉ. विकास केशरी, डॉ. सुशील कुमार लाल, डॉ. नीरज धर दुबे एवं डॉ. स्नेहलता तिर्की सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
















