पूर्णिया: पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड के चपय गांव में अंतरजातीय विवाह को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि बेटी के दूसरी जाति के युवक के साथ जाने और बाद में कोर्ट में उसके पक्ष में बयान देने से नाराज पिता ने जीवित बेटी का पुतला बनाकर हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, चपय गांव निवासी मनोज गोस्वामी की बेटी रिया कुमारी 8 सितंबर को दूसरी जाति के युवक के साथ घर से चली गई थी। पिता ने मरंगा थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए बेटी के अपहरण की आशंका जताई थी।
बताया गया कि पुलिस ने रिया को दिल्ली से बरामद किया और इसके बाद कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया। पिता के अनुसार, कोर्ट में बेटी ने युवक के पक्ष में बयान दिया। इससे नाराज होकर उन्होंने बेटी से सामाजिक और पारिवारिक संबंध खत्म करने के प्रतीक के रूप में पुतले का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।
रात से शुरू हुई अंतिम संस्कार की तैयारी
परिजनों के मुताबिक, सोमवार रात से पुतला तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मंगलवार को पुतले की तस्वीर वाला पोस्टर बनाया गया और ग्रामीणों की मौजूदगी में उसकी अर्थी निकालकर श्मशान घाट ले जाया गया। वहां हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पुतले का दाह संस्कार किया गया।
बेटी की पढ़ाई और भविष्य को लेकर थे अरमान
बताया गया कि रिया तीन संतानों में सबसे बड़ी है और बीए पार्ट-1 की छात्रा है। उसके पिता खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिजनों के अनुसार, बेटी की पढ़ाई और भविष्य को लेकर पिता काफी उम्मीदें रखते थे।
हालांकि, बेटी के अंतरजातीय विवाह और कोर्ट में उसके पक्ष में बयान देने के बाद परिवार में विवाद गहरा गया। पिता ने इसे सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते खत्म करने के प्रतीक के तौर पर पुतले के अंतिम संस्कार के रूप में व्यक्त किया। मामले को लेकर गांव में चर्चा और हलचल का माहौल है।
















