रांची : झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुमका में कथित अवैध बालू खनन और भंडारण को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि दुमका मुफ्फसिल थाना क्षेत्र की सहरघाटी पंचायत में प्रशासनिक संरक्षण और सत्ता की मिलीभगत से खुलेआम अवैध बालू कारोबार चल रहा है।
मरांडी ने दावा किया कि हर दिन 50 से 60 ट्रैक्टरों के जरिए बालू की अवैध ढुलाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर गरीब और मध्यमवर्गीय लोग घर बनाने के लिए वैध बालू पाने को परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बालू माफिया बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनजीटी की रोक लागू होने से पहले हजारों ट्रैक्टर बालू जमा कर बारिश के मौसम में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही है। बाबूलाल मरांडी ने इसे गरीबों की जेब पर “संगठित डकैती” करार देते हुए कहा कि यह सब प्रशासन की कथित मिलीभगत से हो रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए मरांडी ने कहा कि जिस दुमका ने उनके परिवार को राजनीतिक पहचान दी, आज उसी क्षेत्र को बालू माफियाओं के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ता का उद्देश्य केवल माफियाओं को फायदा पहुंचाना रह गया है।
भाजपा नेता ने दुमका पुलिस और जिला प्रशासन से पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेने, अवैध खनन और भंडारण में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनता सत्ता, प्रशासन और बालू माफियाओं की मिलीभगत मानने को मजबूर होगी।
















