बलियापुर (धनबाद): धनबाद के बेलगड़िया फेज-6 क्षेत्र में सोमवार को भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद गहरा गया। प्रभावित रैयतों ने मुआवजा और नियोजन (रोजगार) की मांग को लेकर जरेडा (JRDA) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे रैयतों का आरोप है कि उनकी रैयती जमीन पर बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था किए निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि जमीन के बदले रोजगार और न्यायसंगत मुआवजा उनका अधिकार है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रभावित परिवार की फुलमनी देवी ने इस संबंध में उपायुक्त और अंचल अधिकारी को आवेदन देकर न्याय की मांग की है। घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा नेत्री डॉ. निशि महतो भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने रैयतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि विस्थापित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, भू-संपदा विभाग के सहायक प्रबंधक दिलीप गुप्ता ने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार नियोजन का लाभ केवल उन्हीं रैयतों को मिलता है, जिनकी दो एकड़ या उससे अधिक भूमि अधिग्रहित की जाती है। उन्होंने कहा कि संबंधित रैयत के नाम 86 डिसमिल जमीन दर्ज है, इसलिए नियमानुसार उन्हें नियोजन का लाभ नहीं दिया जा सकता।
फिलहाल प्रशासन और प्रभावित रैयतों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है। हालांकि, विवाद के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है और मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
















