भागलपुर : जिले में आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच हजारों पक्षियों की मौत होने की खबर सामने आई है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, भागलपुर के झौवाकोठी और खिरनीघाट इलाके में बड़ी संख्या में मृत पक्षी पाए गए हैं। मृत पक्षियों में एशियन कोयल, गंगा मैना, बैंक मैना समेत मैना की कई प्रजातियां शामिल हैं। बताया जा रहा है कि केवल इन दो इलाकों में ही एक हजार से अधिक पक्षियों की मौत हुई है। ऐसे में पूरे जिले में नुकसान का आंकड़ा कहीं अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पक्षियों की मौत केवल पर्यावरणीय नुकसान नहीं है, बल्कि इसका असर मानव जीवन और प्राकृतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है। पक्षी पर्यावरण को संतुलित रखने, कीट नियंत्रण और जैव विविधता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पर्यावरण सुरक्षा संरक्षक एवं शिक्षिका कंचन कुमारी ने कहा कि तेज आंधी और बारिश ने पक्षियों पर कहर बरपा दिया है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों की सुरक्षा को लेकर जागरूक होने की अपील की। की।














