रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी विधानसभा सत्र के दौरान भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
बैठक से पहले एनडीए के विधायक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे, जहां पिछले 12 दिनों से आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बैठक के बाद भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि छात्रों का मुद्दा इस समय झारखंड का सबसे महत्वपूर्ण विषय है और भाजपा इसे 12 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि JPSC भर्ती प्रक्रिया में केवल कथित पेपर लीक ही नहीं, बल्कि “पेपर फिक्स” जैसे गंभीर सवाल भी सामने आए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग दोहराते हुए वर्ष 2019 के बाद हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच कराने की भी मांग की।
भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही CID जांच पर भी सवाल उठाए और इसे पर्याप्त नहीं बताया। साथ ही 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की भी मांग की।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि जो दल अन्य राज्यों में छात्रों के आंदोलनों का समर्थन करते हैं, वे झारखंड में आंदोलनरत छात्रों से मिलने तक नहीं पहुंचे। भाजपा ने कहा कि यदि कांग्रेस भी निष्पक्ष जांच की पक्षधर है, तो उसे इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।
यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जांच संबंधी मांगों पर अंतिम निर्णय संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
















