धनबाद: महान शिक्षाविद् और समाजसेवी बिनोद बिहारी महतो की जयंती के अवसर पर अल-इकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में रंगोली निर्माण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. शमीम अहमद ने की। इसमें शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशिक्षु विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत बिनोद बिहारी महतो के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। इस दौरान उनके शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम मानते हुए समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया।
रंगोली के जरिए दिया जागरूकता का संदेश
कॉलेज परिसर में आयोजित रंगोली कार्यक्रम में प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों को रंगों और कलात्मक आकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। अलग-अलग समूहों में विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियां बनाकर सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
विद्यार्थियों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां उनकी रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ाने के साथ सामाजिक विषयों को समझने का अवसर भी देती हैं।
विद्यार्थियों ने किया श्रमदान
रंगोली कार्यक्रम के साथ कॉलेज परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। प्राचार्य के नेतृत्व में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों की सफाई की। कचरा एकत्र कर परिसर को स्वच्छ बनाया गया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने और अपने परिवार व समाज के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
प्राचार्य प्रो. डॉ. शमीम अहमद ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो का जीवन शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छ वातावरण भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकीय ज्ञान के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थी भविष्य में विद्यालयों और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने शिक्षा, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
















