वाराणसी: भारतीय शास्त्रीय संगीत और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रो. मंगला कपूर को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। संगीत जगत में “बनारस की लता” के नाम से प्रसिद्ध प्रो. कपूर ने अपनी मधुर गायकी से देशभर के प्रतिष्ठित मंचों पर पहचान बनाई है और अब उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
प्रो. मंगला कपूर ने गंगा महोत्सव, सुबह-ए-बनारस और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीता है। संगीत के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय करने के बाद सेवानिवृत्ति के उपरांत भी वे समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं।
वर्तमान में वे अपने निवास से ‘प्रोफेसर मंगला कपूर फाउंडेशन’ का संचालन कर रही हैं। इस संस्था के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और दिव्यांग बच्चों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। उनका मानना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बनना चाहिए और हर बच्चे को अपनी कला को निखारने का अवसर मिलना चाहिए।
पद्मश्री सम्मान से पहले भी प्रो. कपूर को संगीत और सामाजिक योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें उत्तर प्रदेश सरकार का राज्य रोल मॉडल पुरस्कार (2021), सक्षम सोसाइटी का राष्ट्रीय पुरस्कार, सुषमा स्वराज सम्मान, राष्ट्र गौरव सम्मान तथा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी का आचार्य भारत मुनि पुरस्कार (2024) प्रमुख हैं।
पद्मश्री सम्मान की घोषणा पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रो. मंगला कपूर ने कहा कि शुरुआत में उन्हें इस खबर पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके वर्षों के संघर्ष, समर्पण और संगीत साधना का परिणाम है। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने गुरुजनों, परिवार और संगीत प्रेमियों को समर्पित किया।
















