धनबाद: पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, महंगाई, NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, पानी-बिजली संकट और विश्वविद्यालयों में लागू क्लस्टर सिस्टम के विरोध में भाकपा माले धनबाद जिला कमेटी ने बुधवार को रणधीर वर्मा चौक पर धरना-प्रदर्शन किया।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सचिव बिन्दा पासवान ने की, जबकि संचालन विजय पासवान ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाकपा माले कार्यकर्ताओं, छात्र संगठन आईसा के छात्र-छात्राओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि महंगाई के कारण खेती, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों पर सीधा असर पड़ा है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार आम लोगों को “खर्च में कटौती” की सलाह दे रही है, जबकि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति के कारण देश को सस्ते तेल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
धरना के दौरान NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस घोटाले ने लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। भाकपा माले ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
संगठन ने विश्वविद्यालयों में लागू क्लस्टर सिस्टम को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी और ग्रामीण तथा गरीब छात्रों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ेगी।
भाकपा माले नेताओं ने मांग की कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की मूल्य वृद्धि तुरंत वापस ली जाए तथा बाजार आधारित मूल्य निर्धारण नीति समाप्त की जाए। साथ ही NEET पेपर लीक मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri के इस्तीफे की मांग की गई।
धरना में राज्य स्थायी समिति सदस्य कार्तिक प्रसाद, आनंदमई पाल, सुभाष चटर्जी, श्रीराम विश्वकर्मा, सीमा पासवान, पूनम देवी, विश्वजीत राय, स्नेहा महतो, रितेश मिश्रा सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















