धनबाद: चिरागोड़ा स्थित जागृत मंदिर के तृतीय स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ एवं प्राण-प्रतिष्ठा वार्षिकोत्सव का शुभारंभ बुधवार को भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान 501 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश और श्रीमद्भागवत महापुराण धारण कर नगर भ्रमण किया। माता रानी के जयकारों, भक्ति गीतों और आकर्षक झांकियों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
सुबह मंदिर परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा लोको टैंक पहुंची, जहां विधि-विधान से जल भरने के बाद श्रद्धालु हीरापुर पार्क मार्केट होते हुए पुनः मंदिर परिसर लौटे। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक उत्साह का परिचय दिया।
दोपहर में वृंदावनधाम से पधारे भगवताचार्य उज्ज्वल शांडिल्य महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है। श्रद्धा और एकाग्रता से कथा श्रवण करने से मन पवित्र होता है तथा जीवन में भक्ति, सेवा और सत्संग का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और भागवत कथा का श्रवण मोक्ष प्राप्ति का सरल माध्यम है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर मौजूद रहे और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।
समिति के सह सचिव बिल्लू गुप्ता ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 14 जुलाई तक प्रतिदिन किया जाएगा। इसके बाद 13 से 15 जुलाई तक प्राण-प्रतिष्ठा एवं वार्षिकोत्सव के विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। 15 जुलाई की रात भव्य भगवती जागरण और धार्मिक झांकियों का आयोजन होगा, जबकि 16 जुलाई को पूर्णाहुति के उपरांत विशाल महाभंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
















