धनबाद। बरवाअड्डा थाना परिसर में 21 अगस्त की रात हुए विवाद को लेकर मामला लगातार गरमाता जा रहा है। डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और बड़ापिछड़ी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुए विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
विधायक जयराम महतो ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि थाना परिसर में उन्हें घेरकर गला दबाने और जान से मारने की कोशिश की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जयराम महतो ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी को दिए आवेदन में थाना परिसर में लगे CCTV कैमरों की पूरी रिकॉर्डिंग और घटना के दौरान पत्रकारों द्वारा बनाए गए वीडियो फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वीडियो रिकॉर्डिंग से घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
विधायक के अनुसार, उन्हें गणेश दास से जुड़े मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना पहुंचने की बात सामने आई थी। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य मामले की जानकारी लेना और विवाद को शांत कराना था।
वहीं, पुलिस के अनुसार गणेश दास के खिलाफ पहले से मामला दर्ज है और पुलिस टीम उसे नोटिस देने पहुंची थी। इस दौरान कथित धक्का-मुक्की और सरकारी कार्य में बाधा डालने के बाद उसे थाना लाया गया था।
मामले की पृष्ठभूमि में फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर के कथित इस्तेमाल को लेकर भी शिकायत दर्ज होने की बात सामने आई है। इस मामले में बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 129/26 दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
दूसरी ओर, बड़ापिछड़ी निवासी प्रदीप कुमार रजक ने विधायक पर कथित मारपीट, गला दबाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब पूरे मामले में CCTV फुटेज, मौके पर मौजूद पत्रकारों के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अहम माने जा रहे हैं। विधायक ने भी इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
















