धनबाद : कामरेड ए.के. राय की पुण्यतिथि को इस वर्ष भव्य रूप से मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को पुराना बाजार स्थित टेम्पल रोड कार्यालय में कामरेड ए.के. राय स्मारक समिति की महत्वपूर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष कामरेड हरिप्रसाद पप्पू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 21 जुलाई 2026 को जिले के विभिन्न स्थानों पर कामरेड ए.के. राय की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाएगी।
बैठक में तय किया गया कि धनबाद स्थित पार्टी कार्यालय में माल्यार्पण एवं विचार गोष्ठी का आयोजन होगा। इसके पूर्व सरायढेला स्थित केंद्रीय अस्पताल परिसर में स्थापित कामरेड ए.के. राय की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के दौरान स्मारक समिति का विस्तार भी किया गया। सर्वसम्मति से कामरेड सम्राट चौधरी को सचिव, कामरेड सुभाष चटर्जी को सह सचिव, सत्यनारायण कुमार को वरीय उपाध्यक्ष, सुवास प्रसाद सिंह एवं प्रशुन दास गुप्ता को उपाध्यक्ष, विजय कुमार पासवान और राणा चट्टराज को संगठन सचिव तथा कल्याण चक्रवर्ती को सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं राजकुमार रवानी, गुड्डू रजक और विकास साव को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए कामरेड ए.के. राय मेमोरियल ट्रस्ट के गठन का निर्णय लिया गया। साथ ही टेम्पल रोड स्थित धनबाद कार्यालय को ट्रस्ट के नाम हस्तांतरित कर वहां कामरेड ए.के. राय के जीवन, संघर्ष और विचारों पर आधारित एक संग्रहालय विकसित करने की योजना पर भी सहमति बनी।
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष कामरेड हरिप्रसाद पप्पू ने कहा कि वर्तमान समय में देश और झारखंड की परिस्थितियों में कामरेड ए.के. राय के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ए.के. राय का संघर्ष, सादगी, ईमानदारी और समाजवादी सोच नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। समाज में शोषण और अन्याय के खिलाफ उनकी विचारधारा आज भी मार्गदर्शक बनी हुई है।
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड बिंदा पासवान, आनंदमयी पाल, सुभाष चटर्जी, सम्राट चौधरी, सुवास प्रसाद सिंह, विजय कुमार पासवान, राणा चट्टराज, जयदीप बनर्जी, विश्वजीत राय, बुटन सिंह, अजय महतो, विकास साव, गुड्डू रजक, कल्याण चक्रवर्ती, अखिलेश महतो सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
















