धनबाद: कला, संस्कृति और प्रतिभा के संगम के रूप में आयोजित 10वें ऑल इंडिया मल्टीलिंगुअल ड्रामा, डांस, ड्राइंग एंड म्यूजिक प्रतियोगिता महोत्सव ‘काला हीरा’ का भव्य शुभारंभ शनिवार को स्टील गेट स्थित सीसीडब्ल्यूओ कम्युनिटी हॉल में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथि जीएम (एडमिनिस्ट्रेशन) मनीष मिश्रा के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। आयोजकों ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं ‘काला हीरा’ स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों और रंगकर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि कला समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने काला हीरा संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर कलाकारों को एक मंच प्रदान करना सराहनीय प्रयास है। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्थानीय कलाकारों के विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीएल भविष्य में भी हरसंभव सहयोग करता रहेगा।
चार दिवसीय महोत्सव के पहले दिन पश्चिम बंगाल से आए कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बिधान चंद्र दास के नेतृत्व में कलाकारों ने रवींद्र संगीत, लोकगीत, शास्त्रीय एवं अर्धशास्त्रीय संगीत, भरतनाट्यम, कथक, देशभक्ति गीत, योगा, वेस्टर्न डांस, नजरुल गीत, क्रिएटिव डांस, मोनो एक्ट और वोकल प्रस्तुति देकर कला की विविध रंगों से सजे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित दिव्यांग बाल कलाकार रूपांजन सेन ने अपने नृत्य, योग और कीबोर्ड वादन की अद्भुत प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। वर्ष 2023 में ‘श्रेष्ठ दिव्यांग बालक’ श्रेणी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके कोलकाता निवासी रूपांजन सेन डाउन सिंड्रोम से प्रभावित होने के बावजूद अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर देशभर में पहचान बना चुके हैं। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ सराहा।
महोत्सव के दौरान आयोजित गुरु सम्मान समारोह में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई गुरुओं को सम्मानित किया गया। इनमें बिधान चंद्र दास (आर्ट एंड कल्चर), सरस्वती सेन (कथक), संगीता चट्टराज (फोक), अपूर्व कुमार बागची (रीसिटेशन), शुभम सखा डे (फोक), आलोक भादुड़ी (आर्ट एंड कल्चर), अनूप घोष (भरतनाट्यम), अनिर्बन साहा (सेट एंड ड्रॉ) तथा ओइंद्रिला दत्ता (भरतनाट्यम) शामिल रहे।
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य, संगीत, नाटक एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायक मंडल द्वारा चयनित विजेताओं को मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में काला हीरा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, मिताली मुखर्जी, सचिव हेमंत कुमार मंडल, कोषाध्यक्ष नरेश राय, महेंद्र गिरी, संजय भारद्वाज, संतोष रजक सहित सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
















