धनबाद: जिले में स्कूल से बाहर रह गए दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष नामांकन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर 15 जून से 24 जून तक जिलेभर में विशेष नामांकन अभियान चलाया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य ऐसे दिव्यांग बच्चों की पहचान करना है, जो किसी कारणवश अब तक विद्यालय में नामांकित नहीं हो सके हैं या शिक्षा से वंचित हैं। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को उसके पोषक क्षेत्र के निकटतम विद्यालय में नामांकित कराया जाए, ताकि वह शिक्षा के अधिकार का लाभ प्राप्त कर सके।
इस विशेष अभियान के तहत शिक्षा विभाग की टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी और स्कूल से बाहर रह गए दिव्यांग बच्चों की जानकारी जुटाएगी। साथ ही अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बच्चों के नामांकन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए और सभी पात्र बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं और अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में सहयोग करें। प्रशासन का विश्वास है कि इस पहल से जिले में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत होगी।
















