धनबाद : धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने जिले में आधार नामांकन एवं अद्यतन (अपडेट) केंद्रों की कमी को गंभीर जनसमस्या बताते हुए उपायुक्त को पत्र लिखकर आधार सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और आधार से जुड़े कार्यों की लगातार बढ़ती आवश्यकता के बावजूद उपलब्ध केंद्र पर्याप्त नहीं हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महापौर ने अपने पत्र में कहा कि आज आधार कार्ड केवल पहचान का दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन, राशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, मोबाइल सिम और अन्य अनेक आवश्यक सेवाओं के लिए अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में आधार नामांकन और अपडेट के लिए लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ना चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संचालित सीमित आधार केंद्रों पर प्रतिदिन अत्यधिक भीड़ रहती है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को आधार बनवाने, मोबाइल नंबर अपडेट कराने, बायोमेट्रिक संशोधन और अन्य सेवाओं के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार तकनीकी कारणों या भीड़ अधिक होने के कारण लोगों का कार्य नहीं हो पाता और उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
महापौर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी आधार सेवाओं की उपलब्धता सीमित है, जिससे आम जनता को समय पर जरूरी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने कहा, “आधार बनवाने के लिए जनता को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। हमारी प्राथमिकता है कि लोगों को सरकारी सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों। इसलिए धनबाद नगर निगम क्षेत्र सहित जिले के सभी प्रमुख प्रखंडों में आधार नामांकन एवं अद्यतन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।”
महापौर ने यह भी कहा कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) देशभर में आधार सेवाओं के विस्तार पर जोर दे रहा है। ऐसे में धनबाद जैसे बड़े और घनी आबादी वाले जिले में नए आधार केंद्र खोलना समय की आवश्यकता है। उन्होंने उपायुक्त से जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं आसानी और समय पर मिल सकें।
















