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धनबाद में छात्र-युवा आंदोलन तेज, रोजगार और शिक्षा को लेकर सरकार घिरी

JP Bharat Shareधनबाद : शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को धनबाद में छात्र-युवाओं का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के राज्यव्यापी आह्वान पर शहर के प्रमुख रणधीर वर्मा चौक पर जोरदार चक्का जाम किया गया। सुबह करीब 8:30 बजे से 10…

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धनबाद : शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को धनबाद में छात्र-युवाओं का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के राज्यव्यापी आह्वान पर शहर के प्रमुख रणधीर वर्मा चौक पर जोरदार चक्का जाम किया गया। सुबह करीब 8:30 बजे से 10 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उच्च शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं पर नाराजगी जताई। आंदोलन में शामिल छात्र-युवाओं ने झारखंड सरकार की कथित उच्च शिक्षा विरोधी नीतियों, क्लस्टर सिस्टम, विश्वविद्यालयों में सीट कटौती और रेगुलर कोर्सों को सेल्फ फाइनेंस मोड में बदलने का विरोध किया।

इस दौरान NEET, NET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में गड़बड़ी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ती अव्यवस्था के कारण लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

छात्र नेताओं का कहना था कि बीएड और एमएड की फीस में भारी बढ़ोतरी कर गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिला छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से फीस वृद्धि वापस लेने, क्लस्टर सिस्टम खत्म करने और सभी रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारे लगाए। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रगतिशील बुद्धिजीवी मंच, धनबाद ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए उच्च शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने, पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच कराने तथा CBSE OSM गड़बड़ी से प्रभावित छात्रों को न्याय देने की मांग की।

आंदोलन में आइसा और आरवाईए के कई छात्र-युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से रितेश मिश्रा, स्नेहा महतो, दीपक महतो, अतफ इमाम, अभिजीत, पल्लवी, पार्वती, अभिषेक, आदर्श, संदीप, प्राची दुबे, अनिमेष, वारिस खान, चेतन, सोनू शर्मा, आकाशदीप, अर्जुन पंडित, अभय पांडे, आदित्य महतो, सहयोग अंसारी, करण पासवान, शुभम पासवान, योगेश ठाकुर समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे।


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