धनबाद: शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। धनबाद नगर निगम क्षेत्र से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटारे के लिए कलियासोल अंचल में लगभग 40 एकड़ भूमि पर सैनिटरी लैंडफिल विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला नगर विकास भूमि क्रय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि प्रस्तावित सैनिटरी लैंडफिल के निर्माण से नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी और अपशिष्ट प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा।
प्रशासन के अनुसार, परियोजना के लिए कलियासोल अंचल में लगभग 40 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। संबंधित भूमि का सर्किल रेट उपलब्ध कराया जा चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक अधियाचना भी समर्पित कर दी गई है।
उपायुक्त ने बताया कि इससे पहले बीसीसीएल द्वारा 38 एकड़ भूमि केवल 30 वर्षों की लीज पर देने का प्रस्ताव रखा गया था, जो परियोजना की दीर्घकालिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं था। वहीं एफसीआई लिमिटेड द्वारा 90 एकड़ भूमि के बदले अधिक राशि की मांग किए जाने के कारण वह प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद बलियापुर के रघुनाथपुर में 19.34 एकड़ भूमि निःशुल्क हस्तांतरित की गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वहां परियोजना शुरू नहीं हो सकी।
वर्तमान में बलियापुर के आमझर में 17.81 एकड़ भूमि पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र का निर्माण कार्य जारी है। प्रशासन का मानना है कि नई सैनिटरी लैंडफिल परियोजना शुरू होने के बाद धनबाद में कचरा प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशिष गंगवार, सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार, गोविंदपुर के अवर निबंधक मनोजीत प्रसाद, कलियासोल के अंचल अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा सहित नगर निगम एवं जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
















